
एक व्यक्ति को असम में एक IAS अधिकारी की सोशल मीडिया पोस्ट पर इमोजी लगाने के कारण कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिसमें साइबर स्टॉकिंग और यौन अपमान के आरोप शामिल हैं।
सोशल मीडिया का उपयोग आजकल आम बात है, लेकिन कभी-कभी एक साधारण इमोजी भी आपको बड़ी मुसीबत में डाल सकता है। हाल ही में असम में एक व्यक्ति को एक IAS अधिकारी की पोस्ट पर इमोजी लगाने के कारण कानूनी परेशानियों का सामना करना पड़ा। यह मामला इतना गंभीर हो गया कि उसे अपने घर से 273 किलोमीटर दूर एक कोर्ट में हाजरी देनी पड़ी।
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब एक व्यक्ति ने एक महिला IAS अधिकारी की पोस्ट पर "हा हा हा" वाला इमोजी चिपका दिया। यह इमोजी किसी अन्य व्यक्ति के कमेंट पर प्रतिक्रिया के रूप में था, जिसमें लिखा गया था कि "आज कोई मेकअप नहीं है मैडम।"
इस इमोजी के कारण उस व्यक्ति पर साइबर स्टॉकिंग और यौन रूप से अपमानजनक टिप्पणी करने का आरोप लगा।
असम के कुकरा झार की डिप्टी कमिश्नर प्रणाली डेका ने इस कमेंट पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कमेंट करने वाले व्यक्ति से पूछा कि "आपकी समस्या क्यों है?" इसके बाद, IAS डेका ने कोकराझार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।
इस शिकायत में उन्होंने नरेश बरुआ, अमित चक्रवर्ती और एक तीसरे व्यक्ति अब्दुल सुबू चौधरी पर साइबर स्टॉकिंग का आरोप लगाया।
मामला कोर्ट पहुंचा, जहां वरनाली डेका ने सभी स्क्रीनशॉट भी जमा कराए। अमित चक्रवर्ती ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 23 जनवरी को कोकराझार पुलिस स्टेशन के प्रभारी ने उन्हें फोन किया था।
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पूछा कि उन्हें बिना किसी कारण के थाने क्यों आना है, तो पुलिस ने कहा कि उनके खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
अमित चक्रवर्ती ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि एक IAS अधिकारी को इतनी छोटी सी बात पर इतना बड़ा कदम उठाने का समय कैसे मिल गया। उन्होंने केवल नरेश बरुआ नाम के एक व्यक्ति की पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी थी।
यह मामला सोशल मीडिया पर इमोजी के उपयोग के संभावित कानूनी परिणामों को उजागर करता है। क्या आपको लगता है कि इस तरह की शिकायतें उचित हैं? इस पर आपकी क्या राय है? कमेंट करके जरूर बताएं।
इस पूरे मामले पर जानकारी देने के लिए धन्यवाद।